Monday, March 15, 2010

एक चर्चा

नमस्कार.

१०० वें प्रश्न का उत्तर कल रात ९ बजे बताऊंगा.

तब तक एक प्रश्न चर्चा के लिये, वह यह कि

यह जानते हुए भी कि रिमोट की बैटरी लगभग खत्म हो गयी है, हम क्यों बार- बार उसे झटकते है , उसपर हाथ मारते है, या बार- बार जोर- जोर से बटन पुश करते है .

वैसे मुझे इसका उत्तर नही पता है.


चलते- चलते – एक चूहा एक ऊंट के मुकाबले बिना पानी के लम्बे समय तक जीवित रह सकता है.

7 comments:

अल्पना वर्मा said...

Oh...jawab baad mein?????????

---------
lekin remote ki aisee halat ham nahin karte ...aap kyun aisa karte hain????????????

शमीम said...

Shayad remote ke Battery me thoda jaan aa jaye . kahte hai naa ki mare hue wyaktee ko jor jor se hilane se woh jindaa ho jaata hai : )

प्रकाश गोविन्द said...

ज़मीर भाई इसमें कोई ख़ास बात नहीं है ! अमूमन सभी ऐसा करते हैं ! कारण यह है कि हम सभी रिमोट को बहुत ही बेदर्दी से इस्तेमाल करते हैं ! चैनल बदला और उछाल दिया बेड पर या सोफे पर ! कई बार ऐसा भी होता है कि अन्दर की बैटरी का निगेटिव अथवा पाजिटिव प्वाईंट हट जाता है ! ऐसे में रिमोट को झटकने से या थपथपाने से प्वाईंट मिल जाता है और रिमोट काम करने लगता है ! कभी कभार 'लो बैटरी' में भी 2 - 4 मिनट के लिए जान आ जाती है !

------- यह कथन एक ऐसे महान व्यक्ति का है जो महान वैज्ञानिक हो सकता था. किन्तु ब्लागिंग के कारण न हो सका!

Ram Krishna Gautam said...

वो इसलिए क्योंकि हमें उम्मीद रहती है कि शायद कहीं कोई संभावना हो और रिमोट चल पड़े!!!

वैसे झटका देने से तो कोई भी चल पड़ता है!




"राम"

Rekhaa Prahalad said...

वैसे मुझे भी इसका उत्तर नही पता है; पर मै भी ऐसा ही करती हूँ इस उम्मीद मे कि कही चल पड़े ;)

मोहसिन said...

prakash ji baato se sehmat.

बूझो तो जानें said...

SUJHAW DENE KE LIYE AAP SABHI KA DHANYAWAAD.