Thursday, November 4, 2010

मेरा सवाल 142


यह रहा सवाल- हिन्दी साहित्य में उपन्यास सम्राट प्रेमचंद का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिया जाता है।प्रेमचंद ने कई सारे उपन्यास लिखे हैं .क्या आप बता सकते हैं कि मूल रुप से हिन्दी में लिखा हुआ प्रेमचंद का पहला उपन्यास कौन सा है?


मेरा सवाल 141का सही जवाब है- गोलकुंडा की खानों से कोहिनूर हीरा निकला था।


सबसे पहले सही जवाब दिया श्री दर्शन लाल बवेजा जी ने।


इसके अलावा श्रीमती अल्पना वर्मा जी ,श्री आशीष मिश्रा जी, श्री शमीम जी ने भी सही जवाब दिया

अन्य सभी आगन्तुकों का आभार एवं धन्यवाद

(सही जवाब नए प्रश्न के साथ प्रकाशित किए जाएंगे.)

7 comments:

आशीष मिश्रा said...

कायाकल्प
आपको सपरिवार दिपोत्सव की ढेरों शुभकामनाएँ

आशीष मिश्रा said...

आदरणीय श्री दर्शन बवेजा जी को विजेता बनने पर बधाई
आप सभी को को दिपोत्सव की मुबारकबाद

Udan Tashtari said...

दर्शन जी को बधाई.


सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल 'समीर'

प्रेम सरोवर said...

Good Morning,
Today is my first day to go through your post.Really you are doing a nice job.I will come again.
Happy Diwali greetings to you and other member your family.Convey my special greeting to your BHABHI Sahina in a special way.

मनोज कुमार said...

चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

मोहसिन said...

कायाकल्प मूल रुप से हिन्दी में लिखा उनका पहला उपन्यास है.

amar jeet said...

बदलते परिवेश मैं,
निरंतर ख़त्म होते नैतिक मूल्यों के बीच,
कोई तो है जो हमें जीवित रखे है ,
जूझने के लिए प्रेरित किये है,
उसी प्रकाश पुंज की जीवन ज्योति,
हमारे ह्रदय मे सदैव दैदीप्यमान होती रहे,
यही शुभकामना!!
दीप उत्सव की बधाई...........