Monday, August 23, 2010

मेरा सवाल 130


बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा रचित गीत वन्दे मातरम...... किस भाषा में लिखा गया है?


मेरा सवाल 129 का सही जवाब --- तीनों पक्षी उड नही सकते हैं..

सर्वप्रथम सही जवाब दिया श्री संजीव तिवारी जी ने


इसके अलावा श्री मनोज कुमार जी और श्री दर्शन लाल बवेजा जी ने ही सही उत्तर दिया.

अन्य सभी आगन्तुकों का आभार एवं धन्यवाद.

10 comments:

अमिताभ मीत said...

"वन्दे मातरम ....."

ये गीत बंकिमचंद्र में संस्कृत और बंगला में लिखा था... दोनों भाषाओं में ... एक साथ ... एक ही गीत बंगला और संस्कृत में

मनोज कुमार said...

बांग्ला भाषा में।

संगीता पुरी said...

बंगला .. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!

Udan Tashtari said...

संजीव जी को बधाई.

हास्यफुहार said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.
बांग्ला में नहीं है क्या?
संस्कृत में है।

दर्शन लाल बवेजा said...

बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत बांग्ला मिश्रित भाषा में रचित इस गीत का प्रकाशन 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंद मठ’ में अंतर्निहित गीत के रूप में हुआ।

दर्शन लाल बवेजा said...

1870 के दौरान अंग्रेज हुक्मरानों ने ‘गॉड सेव द क्वीन’ गीत गाया जाना अनिवार्य कर दिया था। अंग्रेजों के इस आदेश से बंकिम चंद्र चटर्जी को जो तब एक सरकारी अधिकारी थे, बहुत ठेस पहुंची और उन्होंने संभवत 1876 में इसके विकल्प के तौर पर संस्कृत और बांग्ला के मिश्रण से एक नए गीत की रचना की और उसका शीर्षक दिया - ‘वंदे मातरम’। शुरुआत में इसके केवल दो पद रचे गए थे जो केवल संस्कृत में थे। इन दोनो पदों में केवल मातृ-भूमि की वन्दना थी। उन्हों ने १८८२ में जब आनन्द मठ नामक बांग्ला उपन्यास लिखा तब मातृभूमि के प्रेम से ओत-प्रोत इस गीत को भी उसमें शामिल किया। यह उपन्यास अंगरेजों के शासन तथा जमींदारों के शोषण के विरुद्ध जारी सन्यासी विद्रोह पर आधारित है। इसमें यह गीत सन्यासियों द्वारा ही गवाया गया है। इस उपन्यास में इस गीत के आगे के पद लिखे गए जो उपन्यास की भाषा अर्थात् बांग्ला में हैं। इन बाद वाले पदों में मातृभूमि की दुर्गा के रूप में स्तुति की गई है।
link for more -http://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87_%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%8D

वन्दना अवस्थी दुबे said...

रक्षाबन्धन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं.

आशीष मिश्रा said...

bangla

शमीम said...

banglaa bhaasha me.