आज नव वर्ष है आया
हर्ष - उल्लास सर्वत्र है छाया ।
मिलकर बांटें सुख दुख अपना
हो पूरा हम सब का सपना ।
ईश्वर से मांगें यही वर
रहे सलामत हम सबका घर ।
दे हम सबको इतनी शक्ति
अटल रहें जब आए विपत्ति ।
न हो कोई भी प्रकोप
न हो मानव जाति का लोप ।
न हो फिर कोई युद्ध
ले जन्म फिर गांधी और बुद्ध।
जमीर……...
आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ।
प्रश्नों की कड़ी कल से जारी रहेगी.......